मारवाड़ में सियासी हलचल तेज, कांग्रेस नेताओं के दौरे से बढ़ा राजनीतिक तापमान

 मारवाड़

राजस्थान के मारवाड़ की राजनीति में इन दिनों बड़ी हलचल दिख रही है. भले रिफाइनरी का उद्घाटन स्थगित ही गया हो, लेकिन कांग्रेस के नेताओं की गतिविधियां भी इस अंचल में बढ़ीं हैं. कांग्रेस के चार बड़े चेहरों में से तीन के दौरे मारवाड़ के अलग-अलग जिलों में तय हुए तो मारवाड़ की तरफ सबका ध्यान गया, जबकि दूसरे नेता कांग्रेस के दूसरे नेता मारवाड़ पर ध्यान देते दिखे तो इस बीच मारवाड़ मूल के नेता अशोक गहलोत की नजर दिल्ली दरबार पर थी.

200 में से 21 फीसदी सीट मारवाड़ से
दरअसल, राजस्थान की राजनीति में मारवाड़ का बड़ा रुतबा है. प्रदेश के 200 विधानसभा क्षेत्र में से तकरीबन 21 फीसदी सीट इसी अंचल से आती हैं. ऐसे में राजस्थान विधानसभा के पांचवें हिस्से पर कोई भी बड़ी पार्टी मजबूती से ध्यान देना चाहेगी. यही कारण है कि राजस्थान विधानसभा में मजबूत जगह बनाने की मंशा रखने वाली पार्टियां इस अंचल पर पूरा फोकस करती हैं, फिर चाहे वह कांग्रेस हो, बीजेपी या फिर आरएलपी जैसी नवोदित पार्टी. हाल ही में मारवाड़ की चर्चा कांग्रेस और भाजपा दोनों की गतिविधियों को लेकर रही.

ये भी पढ़ें :  भोपाल में हुआ आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट का अभ्यास

पहले राजस्थान की रिफाइनरी के उद्घाटन का कार्यक्रम तय हुआ तो सीएम  भजनलाल शर्मा, के साथ ही सरकार के दूसरे मंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई बड़े चेहरे यहां सक्रिय दिखे. रिफाइनरी के एक हिस्से में आग के चलते उद्घाटन टल गया, तो इसके बाद कांग्रेस नेताओं की सक्रियता मारवाड़ में बढ़ती दिखी. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली दो दिन के कार्यक्रम में पाली और सिरोही पहुंचे. वहां संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने के साथ जनसुनवाई भी की. मारवाड़ की धरती से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना भी साधा.

रिफाइनरी और निकाय चुनाव पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सिरोही से उदयपुर के लिए रवाना हुए तो उधर राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा बाड़मेर पहुंच गए. डोटासरा ने बाड़मेर में संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तो कार्यकर्ताओं ने उनसे संगठन की आपसी खींचतान दूर करने की गुहार भी लगाई. इसके बाद डोटासरा जैसलमेर में संगठन के कार्यक्रम में शामिल हुएय अपने दौरे पर डोटासरा भी रिफाइनरी और निकाय चुनाव समेत दूसरे मुद्दों पर सरकार को घेरते दिखे.

ये भी पढ़ें :  CGPSC Breaking : CM के बयान पर गणेश शंकर का तंज-'अपनी ज़िम्मेदारी मत भूलें CM, जांच कराएं, न की राजनीति करें..' BJYM कल घेरेगा PSC ऑफिस

कांग्रेस नेताओं के दौरे से मारवाड़ में बढ़ा सियासी तापमान
राजस्थान कांग्रेस में पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष जैसे दो बड़े पदों पर बैठे नेताओं के मारवाड़ दौरे ने इस अंचल का सियासी तापमान बढ़ाया. इस बीच पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का भी कार्यक्रम मारवाड़ अंचल के सांचौर जिले में तय हुआ, लेकिन विमान में आई तकनीकी खामी के चलते सचिन पायलट यहां नहीं पहुंच सके. इधर मारवाड़ में कांग्रेस नेताओं के दौरों के बीच अंचल में एक चर्चा दो दिन पहले दिल्ली से आई तस्वीर की भी दिखी. तस्वीर वही जिसमें गहलोत–पायलट हाथ मिलाते दिख रहे थे.

ये भी पढ़ें :  CG Assembly Elections : कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में जारी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट, राहुल-प्रियंका समेत ये 40 नाम शामिल

हालांकि कांग्रेस नेताओं के मारवाड़ दौरे के बीच अशोक गहलोत दिल्ली दरबार को भी साधते दिखे. दो दिन पहले राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई कांग्रेस ओबीसी एडवाइजरी कमेटी की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हुए. मीटिंग में राहुल गांधी से गहलोत की मुलाकात भी हुई तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के साथ उनकी तस्वीर भी आई. इस बीच मारवाड़ के लोगों में तो यह बात भी है कि भले गहलोत मारवाड़ में हों या नहीं लेकिन मारवाड़ मूल का नेता अंचल की लगभग हर गतिविधि पर अपनी नजर हमेशा ही रखता है.

क्षेत्र के लोगों की इस भावना पर मोहर लगाते हुए अशोक गहलोत ने कांग्रेस नेताओं के मारवाड़ और मेवाड़ दौरों को महत्वपूर्ण बताया. गहलोत ने यह भी कह दिया कि मारवाड़ में कांग्रेस कमजोर हुई है. ऐसे में मारवाड़ हो या मेवाड़, पूर्व, पश्चिम समेत प्रदेश के सभी हिस्सों में पार्टी को ध्यान देना चाहिए.

 

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment